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बीसीसीआई ने किया था विदाई मैच का वादा…..लेकिन

Posted On June - 11 - 2019

मुंबई में सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बातचीत करते युवराज सिंह। -प्रेट्र

मुंबई, 10 जून (एजेंसी)
युवराज सिंह ने सोमवार को खुलासा कि बीसीसीआई ने ‘यो यो’ टेस्ट में विफल होने पर उन्हें विदाई मैच का वादा किया था। हालांकि वह सफल रहे लेकिन उन्हें विदाई मैच खेलने का मौका कभी नहीं मिला। लगभग 17 साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद संन्यास की घोषणा करने वाले 37 साल के युवराज ने भारत की ओर से पिछला मैच जून 2017 में खेला था। युवराज के समकक्ष वीरेंद्र सहवाग ने विदाई मैच नहीं खेलने का दर्द बयां किया लेकिन बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि वह ऐसा मैच नहीं चाहते थे। यहां तक कि वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को भी विदाई मैच खेलने का मौका नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा, ‘मैंने बीसीसीआई में किसी से नहीं कहा कि मुझे अंतिम मैच खेलना है। अगर मैं अच्छा था, मेरे अंदर क्षमता थी तो मैं मैदान से संन्यास लेता। और मुझे इस तरह का क्रिकेट खेलना पसंद नहीं है कि मुझे एक मैच चाहिए।’ मैंने उस समय बोला कि मुझे विदाई मैच नहीं चाहिए, यो यो टेस्ट पास नहीं होगा तो मैं चुप चाप घर चला जाऊंगा। यो यो टेस्ट मैंने पास किया और इसके बाद चीजें मेरे हाथ में नहीं थी।’
करियर के शीर्ष क्षण
वर्ष 2000: श्रीलंका में अंडर 19 विश्व कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 33 . 83 की औसत से 203 रन बनाए और बायें हाथ की स्पिन गेंदबाजी से भी प्रभावित किया। नैरोबी में कीनिया के खिलाफ एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच के साथ भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 80 गेंद में 84 रन बनाकर भारत को यादगार जीत दिलाई।
वर्ष 2002 : मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर भारत को इंग्ालैंड के खिलाफ लार्ड्स में नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 2 विकेट की रोमांचक जीत दिलाई।
वर्ष 2004 : आस्ट्रेलिया के खिलाफ 122 गेंद में 139 रन की पारी खेली जो उस समय उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ थी।
वर्ष 2006 : पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 4-1 की जीत के दौरान उन्होंने नाबाद 87 और 79 रन की पारी खेली जिससे टीम ने सीरीज जीती। उन्होंने इस सीरीज में 93 गेंद में नाबाद 107 रन भी बनाए जिससे भारत 287 रन के लक्ष्य का पीछा करने में सफल रहा।
वर्ष 2007: पहले विश्व टी-20 में स्टुअर्ट ब्राड के एक ओवर में 6 छक्के जड़कर रिकार्ड बुक में नाम दर्ज कराया। उन्होंने सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 70 रन की मैच विजेता पारी खेली जिसके बाद भारत ने एतिहासिक खिताब जीता। सबसे लंबा 119 मीटर का छक्का जड़ने का रिकार्ड भी उनके नाम दर्ज है।
वर्ष 2007: युवराज को भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए हमेशा जूझना पड़ा लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में 169 रन की पारी खेली जिससे भारत ने घरेलू सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती।
वर्ष 2011 : भारत ने 28 साल बाद दोबारा विश्व कप जीता। युवराज ने 9 मैचों में 90.50 की औसत से 362 रन बनाए जिसमें एक शतक और 4 अर्धशतक शामिल रहे। उन्होंने 4 मैच आफ द मैच पुरस्कार के अलावा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया। युवराज सिंह किसी एक विश्व कप में 300 से अधिक रन बनाने वाले और 15 विकेट हासिल करने वाले पहले आलराउंडर बने।
वर्ष 2011 : विश्व कप के तुरंत बाद उन्हें फेफड़ों में कैंसर का पता चला लेकिन वह इससे उबरने में सफल रहे और अगले साल के अंत तक क्रिकेट के मैदान पर वापसी की।
वर्ष 2017 : युवराज ने इंग्ालैंड के खिलाफ कटक में 122 गेंद में 134 रन की पारी खेली जिससे भारत ने 15 रन से जीत दर्ज की।

मोहाली में मार्च 2016 में स्टीव स्मिथ की विकेट लेने के बाद खुशी जाहिर करते युवराज सिंह और विराट कोहली। (फाइल फोटो)

2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था आखिरी मैच
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने करियर के 3 महत्वपूर्ण क्षणों में विश्व कप 2011 की जीत और मैन आफ द सीरीज बनना, टी-20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में 6 छक्के जड़ना और पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में 2004 में पहले टेस्ट शतक को शामिल किया। विश्व कप 2011 के बाद कैंसर से जूझना उनके लिये सबसे बड़ी लड़ाई थी। इसके बाद हालांकि उनकी फार्म अच्छी नहीं रही। उन्होंने भारत की तरफ से आखिरी मैच जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे के रूप में खेला था। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच 2012 में खेला था। इस साल आईपीएल में वह मुंबई इंडियंस की तरफ से खेले लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले।
नहीं भूल पायेंगे 2007 के 6 छक्के
दक्षिण अफ्रीका में 2007 में खेले गये विश्व कप में उनकी उपलब्धि का कोई सानी नहीं है। उन्होंने किंग्समीड में स्टुअर्ट ब्राड के एक ओवर में छह छक्के लगाये थे जिसे क्रिकेट प्रेमी कभी भूल नहीं पाएंगे। इंग्ालैंड के खिलाफ इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केवल 12 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया जो कि एक रिकार्ड है।
गेंदबाजी से भी किया प्रभावित
युवराज वनडे में मध्यक्रम के मुख्य बल्लेबाज बन गये थे और इस बीच उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी प्रभावित किया। उन्होंने विश्व कप 2011 में अपनी आलराउंड क्षमता का शानदार नमूना पेश किया तथा 300 से अधिक रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी लिये। इस दौरान उन्हें 4 मैचों में मैन आफ द मैच और बाद में मैन आफ द टूर्नामेंट चुना गया। युवराज ने कहा, ‘विश्व कप 2011 को जीतना, मैन आफ द सीरीज बनना, 4 मैन आफ द मैच हासिल करना सब सपने जैसा था।
2015 में रहे आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी
टी-20 इंडियन प्रीमियर लीग में वह 2015 में सबसे महंगे खिलाड़ी थे लेकिन पिछले सत्र में आधार मूल्य पर बिके। युवराज को 2015 में दिल्ली फ्रेंचाइजी ने 16 करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन पिछले सत्र में मुंबई इंडियंस ने उन्हें सिर्फ एक करोड़ रुपये के आधार मूल्य पर खरीदा। युवराज आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब और अब खत्म हो चुकी पुणे वारियर्स की कप्तानी कर चुके हैं। वह रायल चैलेंजर्स बेंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से भी खेले। बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने इस साल मुंबई इंडियन्स की ओर से 4 मैचों में 24.50 की औसत से 98 रन बनाए जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा।


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