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झरोखे से सजेगा घ्ारौंदा

Posted On June - 1 - 2019

रेणु खंतवाल

परंपरागत झरोखों की बात करें तो पहले खिड़कियों पर झरोखे लगाए जाते थे। यह झरोखे संगमरमर के या फिर लाल पत्थर के ज्यादा होते थे। यानी जिस प्रकार का घर होता था उसी मैटीरियल का झरोखा भी होता था। आम लोगों के घरों में लकड़ी के झरोखे ज्यादा होते थे जो कि खिड़की पर फिट करा दिए जाते थे।
आइए, झरोखों के बारे में कुछ और जानें :-

  • झरोखों में राजस्थानी कला, परंपरा व संस्कृति की झलक दिखाई देती है। इसलिए अगर आप अपने घर को भारतीय परंपरागत लुक में डेकोरेट करना चाहते हैं तो एक झरोखा तो अपने घर में ज़रूर लगाएं।
  • झरोखे अलग-अलग साइज़ में उपलब्ध हैं। यानी एक फुट से लेकर 6-7 फुट ऊंचे झरोखे बाज़ार में हैं, जिन्हें आप अपनी ज़रूरत और सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं।
  • जहां झरोखे ज्यादातर खिड़की के स्थान पर फिट किए जाते थे वहीं अब झरोखों को घर के भीतर भी एक डेकोर आइटम के रूप में इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है।
  • लकड़ी के बने झरोखों को लाल, नीला, पीला, हरा, ऑरेंज, गोल्डन जैसे चटख रंगों से सजाया होता है। यह सभी चटख रंग जब आपस में मिलते हैं तो बहुत ही सुंदर लुक देते हैं यह आप किसी भी झरोखे को देखकर महसूस कर सकते हैं।
  • झरोखों पर राजशाही के प्रतीक भी खूब सुंदर लगते हैं। जैसे हाथी, ऊंट, मोर जहां झरोखे के ज्यादातर ऊपरी हिस्से की शोभा बढ़ाते हैं वहीं लकड़ी पर उकेरी गई सुंदर फूल व पत्तियां भी बहुत आकर्षक लगती हैं। झरोखे पर लगी लटकन भी इसकी सुंदरता में चार चांद लगाती है।
  • झरोखे का ऊपरी हिस्सा राजसिंहासन की छवि पेश करता है जो कि घर को शाही लुक देता है।
  • चूंकि यह चटख रंगों से सजा होता है इसलिए अगर आप दीवार पर उसे लगा रहे हैं तो दीवार का रंग हल्के शेड का रखें। अगर सफेद, क्रीम या हल्का पीला रखेंगे तो झरोखे की सुंदरता और निखरकर आएगी।
  • वैसे तो झरोखे के बीच का हिस्सा खाली होता है लेकिन दीवारों पर लगा रहे हैं तो इसमें बीच के खाली स्थान पर आप कोई देवी-देवता की मिट्टी की मूर्ति लगा सकते हैं। ऐसा करके झरोखे का लुक मंदिर जैसा लगता है जो घर में शांति व सुकून का अहसास कराता है।
  • अगर आप लॉबी एरिया में झरोखा लगा रहे हैं तो आप उसके बीच में मिरर भी लगा सकते हैं। खुद को झरोखे के बीच में लगे मिरर पर देखना भी बहुत सुंदर अहसास कराता है। जब भी कोई आपके घर आएगा एक बार खुद को उस मिरर में जरूर देखेगा।
  • छोटे साइज के झरोखों को आज कल फोटोफ्रेम के रूप में भी लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। यानी छोटे झरोखे के बीच में आप अपना फैमिली फोटोग्राफ भी लगा सकते हैं। दीवारों पर लगे ऐसे झरोखानुमार फोटोफ्रेम भी बहुत सुंदर लगते हैं।
  • अगर आपका घर छोटा है। कमरे छोटे-छोटे हैं तो झरोखे को भीतर न लगाएं। उसे आप प्रवेश द्वार पर लगाएं। अगर कमरे छोटे हैं लेकिन हॉल बड़ा है तो हॉल में लगाए लेकिन बहुत बड़े साइज का झरोखा न लगाएं।
    झरोखे का साइज पूरी तरह से आपके घर के साइज के ऊपर निर्भर करता है। आज शहरों में बड़े-बड़े घर नहीं हैं इसलिए मीडियम साइज वाले झरोखे की यहां ज्यादा यूज होते हैं।
  • आप प्रवेशद्वार पर, आंगन में, लॉबी एरिया में लगा सकते हैं। कमरों के अंदर झरोखे लगाना चाहते हैं यानी ड्राइंग रूम या बेड रूम में तो ध्यान रहे ज्यादा बड़े झरोखे न लगाएं। उससे कमरा बहुत छोटा लगेगा।

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