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जयराम का उद्यमियों को हिमाचल में निवेश का न्योता

Posted On June - 13 - 2019

जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ‘रोड शो’ को संबोधित करते हुए। -दैनिक ट्रिब्यून

शिमला, 12 जून (निस)
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, सेवा क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा और बिजली आदि जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय वाणिज्य दूतावास तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में आयोजित ‘रोड शो’ को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रमुख संस्थानों की उपस्थिति से राज्य में प्रतिभा और शैक्षणिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से राज्य उद्योगों के लिए कुशल श्रमशक्ति की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य का ‘ईज ऑफ डुइंग रिफॉर्मज’ तथा ‘एकल खिड़की अधिनियमों’ में तेजी से विकसित होने वाले राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर होना प्रदेश में निवेशकों को सेवाएं प्रदान करने में कुशलता, पारदर्शिता, समयबद्धता और जबावदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य पर्यटन के क्षेत्र में निवेशकों को पर्यटन, वन्य-जीवन, पर्यावरण, पर्यटन, आध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्कीइंग आदि जैसे अनेक प्रकार के विकल्प प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 300 फार्मा कंपनियां तथा 700 से अधिक फार्मा फोरम्यूलेशन निर्माण इकाइयां क्रियाशील हैं और प्रदेश एशिया के ‘फॉर्मास्युटिकल हब’ के तौर पर जाना जाता है। इसके अतिरिक्त राज्य सेब, प्लम, आड़ू, किवी, अखरोट और नाशपाती जैसे फलों का प्रमुख उत्पादक है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योगों के लिए भी अपार संभावनाएं हैं।
राज्य सरकार द्वारा धर्मशाला में आयोजित की जाने वाली ग्लोबल इनवेसटर्ज मीट में भाग लेने के लिए उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इनवेसटर्ज मीट पर्यटन, आयुष एवं वैलनेस, उत्पादन, फार्मास्यूटिकल, रियल एस्टेट, जल विद्युत, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रगतिशील क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करेगी।
एफआईजेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
हिमाचल प्रदेश सरकार व फ्रेंकफर्ट इनोवेशन जैंटरम (एफआईजेड) के मध्य आज जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में आर्युजीनोमिक्स (आयुर्वेदा और जीनोमिक्स), सटीक चिकित्सा, सटीक कृषि आदि क्षेत्रों में सहयोग के क्षेत्र तलाशने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विभिन्न जलवायु परिस्थितियां और विविध भौगोलिक स्थितियां होने के कारण प्रदेश औषधीय पौधों की खेती के लिए अनुकूल है। समझौता ज्ञापन समारोह के दौरान एफआईजेड के सीईओ डॉ. क्रिस्टियन गारबे ने एफआईजेड के कामकाज और संबंधित गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव आबिद हुसैन सादिक, वाणिज्य दूत प्रतिभा पारकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
50 हजार से अधिक उत्पादन इकाइयां क्रियाशील
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने यूरोप के औद्योगिक हब व विश्व के दूसरे सबसे बड़े निर्यातक जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में रोड शो के लिए प्रतिनिधिमंडल का अभिवादन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उत्पादन अर्थव्यवस्था के तहत यूनिलीवर इंडिया, पी एंड जी, डाबर, नेस्ले, क्रेमिका, कॉलगेट, फिलिप्स, गोदरेज, हैवल्स, एबट तथा रिलायंस जैसी 50 हजार से अधिक उत्पादन इकाइयां क्रियाशील है तथा इनमें चार लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है।


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