चुनाव में निकाल देगी जनता खट्टर सरकार का अहं और वहम : रणदीप सुरजेवाला !    केंद्र तमिलनाडु में हिंदी नहीं थोप रहा : सीतारमण !    तेज रफ्तार का कहर, 9 विद्यार्थियों की मौत !    बिहार-असम में बाढ़ का कहर, अब तक 144 की मौत !    बच्चों को सिखाएं पार्टी मैनर्स !    नर को नारायण से जोड़ते नारद !    लॉर्ड्स पर जीते क्रिकेट के गॉड !    शिवतुल्य जो बोलता है, वही जप है !    हरियाली अमावस पर पंच महायोग !    पेंसिल-कॉपी का आनंद !    

चिट्ठियां लिखने तक सीमित रहे अफसर, नहीं पता चला कौन दे रहा खनन माफिया का साथ

Posted On June - 17 - 2019

यमुना में बनाये गए अवैध व अस्थाई बांध का फाइल फ़ोटो।

सुरेंद्र मेहता/हप्र
यमुनानगर,16 जून
यमुना की जलधारा को प्रभावित करने के लिए बनाए गए अवैध और अस्थाई बांधों के मामले में हरियाणा के मुख्य सचिव ने जांच के आदेश दिए हैं। खनन माफिया ने यमुना से खनन करने के लिए यमुना में अलग-अलग इलाकों में आधा दर्जन के करीब अस्थाई बांध बना लिए थे, जिससे यमुना की जलधारा प्रभावित होने लगी थी। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए हरियाणा और दिल्ली के अधिकारियों की टीमें बनाकर इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।
इस टीम के यमुनानगर के अलग-अलग इलाकों में दौरा करने के दौरान यमुना में अवैध व अस्थाई बांध पाए जाने की रिपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट को दी थी। उधर दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ एके सिंह ने इस बारे हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई का भी अनुरोध किया था, जिस पर हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने मामले में जांच के आदेश दिये थे।
आपको बता दें कि यमुना में दिसंबर माह में भी अवैध व अस्थाई बांध बनाए गए थे, जब आसपास के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उन बांधों को उस समय तोड़ दिया गया। अप्रैल और मई में फिर से यह बांध बनाकर यमुना की जलधारा को प्रभावित करने का कार्य किया गया। जिस पर चिंतित इलाके के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भी फरियाद की और इसी बीच यह मामला मीडिया द्वारा सामने लाने पर दिल्ली सरकार व दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच व कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जांच के बाद दर्ज होगा मामला
जांच में यह भी पता चलेगा कि सिंचाई विभाग के किन अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते यमुना में स्थाई व अवैध बांध बनाए गए, जिससे न सिर्फ यमुना की जलधारा प्रभावित हुई, बल्कि दिल्ली को उस दौरान पूरे पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इसी के चलते दिल्ली में हरियाणा सिंचाई विभाग की काफी फजीहत हुई । बताया जाता है कि मुख्य सचिव द्वारा इस मामले की जांच के बारे में सिंचाई विभाग के कमिश्नर को लिखा गया और कमिश्नर ने ईआईसी को फिर ईआईसी ने चीफ को चीफ ने इस सारे मामले में यमुनानगर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर खानापूर्ति कर ली।
15 दिन में मांगा जवाब
इसी बीच हरियाणा प्रदूषण विभाग विभाग के रीजनल ऑफिसर ने इसी बीच हरियाणा पॉल्यूशन विभाग के रीजनल ऑफिस ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार को यमुना की जलधारा प्रभावित करने को लेकर एक नोटिस दिया है जिसमें 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।


Comments Off on चिट्ठियां लिखने तक सीमित रहे अफसर, नहीं पता चला कौन दे रहा खनन माफिया का साथ
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.