योगेश को विश्व पैरा एथलेटिक्स में कांस्य !    20 दिन बाद भी मंत्री नहीं बना पाई गठबंधन सरकार : सुरजेवाला !    ब्रिक्स सम्मेलन में उठेगा आतंक का मुद्दा !    अमेरिका में पंजाबी युवक को मारी गोली, मौत !    राष्ट्रपति शासन लागू, विधानसभा निलंबित !    कश्मीर में रेल सेवाएं बहाल सड़कों पर दिखी मिनी बसें !    बीसीसीआई ने संविधान में बदलाव किया तो होगा कोर्ट का उपहास होगा !    बांग्लादेश ट्रेन हादसे में 16 लोगों की मौत !    विशेष अदालतों के गठन का करेंगे प्रयास !    बाबा नानक की भक्ति में सराबोर हुआ शहर !    

कोने-कोने में टेक्नोलॉजी

Posted On June - 16 - 2019

कुमार गौरव अजीतेन्दु
टेक्नोलॉजी के विस्तार ने न केवल इनसानों को हमेशा सहूलियत दी है बल्कि इससे उनकी आंतरिक क्षमताओं का भी विकास हुआ है। अगर आप किसी काम को मॉडर्न तरीके से करते हैं तो यह आपके समय के साथ चलने का परिचायक होता है। आज तकनीक ने घर के कोने-कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। आओ बताते हैं तुम्हें ऐसी ही कुछ इनोवेटिव टेक्नीक्स के बारे में।
स्मार्ट टॉयलेट सीट
आज जब टेक्नोलॉजी का दौर है और ज्यादातर चीजें हाईटेक हो चुकी हैं, ऐसे में भला टॉयलेट कैसे पीछे छूट सकता है। मार्केट में अब स्मार्ट टॉयलेट आ चुके हैं। हर स्मार्ट टॉयलेट रिमोट के साथ आता है जिनमें से कई रिमोट और टच स्क्रीन वाले भी होते हैं। कुछ ऐसे कंट्रोलर्स के साथ आते हैं जिसे दीवार पर लगाया जा सकता है। इस तरह की टॉयलेट सीट्स में रिमोट से पानी का प्रेशर और तापमान सेट कर सकते हैं। ये सेटिंग्स यूजर्स प्रोफाइल में सेव हो जाती हैं। इनको पता होता है कि यूजर कब इन्हें यूज करने वाला है। जरूरत पर टॉयलेट सीट अपने आप ही खुल जाती है और कवर हट जाता है। रिमोट से भी ये किया जा सकता है। उपयोग के बाद ये स्वत: बंद हो जाते हैं। बाथरूम में प्रवेश करने पर इनमें लगे एलईडी बल्ब्स ऑटोमैटिक ऑन हो जाते हैं। यह फीचर आंबिएंट लाइट पर आधारित है। अंधेरा होने पर ये अपने आप चालू हो जाती हैं। मजेदार बात तो ये कि इनमें से कई में प्रीलोडेड म्यूजिक होता है। संगीत अपने आप बजने लगता हैै। रिमोट से आप धुन बदल भी सकते हैं। कुछ में तो मसाज का फीचर भी होता है और बीमारियों को स्कैन करने की फैसिलिटी भी। हेल्थ इंडिकेटर्स से लैस ये सीट्स, यूजर के शुगर लेवल डेटा को डॉक्टर्स तक पहुँचाती हैं। ऑटोमैटिक फ्लशिंग, वॉशिंग और ड्राइंग मैकेनिज्म से पानी और कागज की बचत होती है। इन्हें खरीदना महंगा जरूर है लेकिन बाद में होने वाले कई खर्चों से यह बचाता है। है न ये सब बहुत ही इंट्रेस्टिंग!
कपड़े सुखाने और उन्हें बारिश से बचाने वाली मशीन
छत पर कपड़े सूख रहे हों और अचानक बारिश आ जाए तो या तो उन्हें हटाने के लिए छत की ओर भागना पड़ता है या वे भीग जाते हैं। इसी समस्या से बचने के लिए चीन में एक 12 साल के बच्चे लू जीझेन ने कपड़ों को सुखाने और बारिश से बचाने के लिए ऑटोमेटिक मशीन बना डाली। लू को ऑटोमेटिक मशीन बनाने का आइडिया मां की डांट खाने के बाद आया। एक दिन मां बाहर जा रही थी ओर लू को कपड़े सुखाने की जिम्मेदारी देकर गई थीं। लू को हिदायत दी गई थी कि जब बारिश हो तो कपड़ों को उतार ले। लेकिन लू खेलने में व्यस्त हो गया और बारिश होने पर कपड़े उतारना भूल गया। वापस घर पहुंची मां ने उसे बहुत फटकार लगाई। लू ने बहाने बनाने की बजाय अपनी गलती मानी। इसके बाद उसने ऐसी मशीन बनाने का सोचा जो कपड़े सुखा दे और बारिश से भी बचा ले। इसे तैयार करने में लू के पिता और स्कूल टीचर्स ने भी मदद की। लू ने मशीन में सेंसर का प्रयोग किया गया है। मशीन के सेंसर पर एक भी बूंद पड़ने पर यह एक्टिव हो जाती है और कपड़े को भीगने से बचा लेती है। इसके लिए वाटरप्रूफ रैक लगाया गया है। बारिश के बाद आसमान साफ होने पर मशीन में लगी रैक ओपन हो जाती है और कपड़े धूप के संपर्क में आ जाते हैं। इसके अलावा लाइट-सेंसेटिव सेंसर भी लगाया गया जो धूप खिलने और बादल साफ होने पर रैक को अपने आप ओपन करने में मदद करता है। इस मशीन को 34वें गुआंगशी प्रोविंशियल यूथ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन फेस्ट में पेश किया गया। प्रतियोगिता में इस इनोवेशन से जज काफी प्रभावित हुए। हालाँकि यह मशीन एक प्रोटोटाइप है और लू इसे मार्केट में नहीं उतारना चाहता है। यह उसने सिर्फ अपनी मां के लिए बनाया है।


Comments Off on कोने-कोने में टेक्नोलॉजी
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.