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टोकन के बावजूद सरसों की खरीद नहीं, लगाया जाम

Posted On May - 15 - 2019

झज्जर, 14 मई (हप्र)

चरखी दादरी में मंगलवार को बारिश के बाद खुले आसमान के नीचे पड़ी अनाज की ढेरियों में खड़ा पानी। -निस

सरसों की खरीद न होने से खफा किसानों ने मातनहेल मंडी के सामने मातनहेल-झाड़ली मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना के बाद मातनहेल चौकी प्रभारी रामपाल व साल्हावास थाना प्रबंधक निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। करीब पौने घंटे लगे जाम के कारण यात्रियों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम लगा रहे किसानों ने बताया कि 50 किसानों के टोकन सरसों बिक्री के लिए कटे हुए हैं और काफी समय से सरसों बेचने के लिए भटक रहे हैं। टोकन फूड सप्लाई से हैफेड में ट्रांसफर नहीं किए जा रहे हैं। जिसके चलते उन्होंने जाम लगाया है। थाना प्रबंधक बिजेन्द्र सिंह ने हैफेड अधिकारियों से इस संबंध में बात की। हैफेड अधिकारियों ने शेष बची सरसों खरीदने में असमर्थता जताई और कहा कि वे किसानों की बात सरकार को भेजेंगे और सरकार के आदेश के बाद ही सरसों खरीदी जाएगी। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाए-बुझाए जाने के बाद किसानों द्वारा जाम खोल दिया गया।
20 गांवों के किसानों ने किया प्रदर्शन
सिरसा (निस) : सरसों की बिक्री फिर से शुरू न होने से परेशान चोपटा क्षेत्र के 20 गांवों के किसानों ने मंगलवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने चोपटा के तहसीलदार को उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बिकी हुई सरसों के रुपये किसानों के खातों में जल्दी डालने और बकाया पड़ी सरसों की बिक्री शुरू करवाने की मांग की है। तहसील परिसर में विरोध जता रहे गांव अलीमोहम्मद, रामपुरा ढिल्लों, रूपावास, रूपाणा, जोड़कियां, अरनियांवाली, गुशाईयाना, खेड़ी, राजपुरा साहनी, हंजीरा, गुडिया खेड़ा, ढूकड़ा, जमाल, कुतियाना, रायपुर, लुदेसर, बकरियांवाली, तरकांवाली, गीगोरानी सहित अन्य गांवों के किसान सतबीर, इंद्र सिंह, भजन लाल, विकास का कहना है कि 11 मई को जिन किसानों की सरसों की बिक्री नहीं हुई, उन्हें 13 मई के बाद आने को कहा था। किसानों ने बताया कि मंगलवार को जब वे सरसों बेचने आए तो मंडी कर्मचारियों ने टोकन काटने से मना कर दिया। इसके अलावा करीब एक माह पहले जो सरसों बेची थी उसके पैसे भी अभी तक खाते में नहीं आए हैं। जिसके चलते उन्होंने प्रदर्शन किया। चोपटा तहसील में किसानों ने ज्ञापन में मांग की है कि जल्द ही उनकी सरसों की फसल बेचने के टोकन काटने शुरू किए जाएं व पहले बिकी हुई सरसों के पैसे उनके खातों में डाले जाएं। इसके लिए 17 मई तक इंतजार किया जाएगा।

उठान नहीं होने से गेहूं, सरसों को नुकसान

चरखी दादरी (निस) : सोमवार रात बारिश के बाद मंडी के हालात बेहाल हो गए हैं। बरिश से किसानों का गेहूं भीग गया। उठान नहीं होने और अनाज को बारिश से नहीं बचाने के बाद गेहूं की कई ढेरियों में अनाज सड़ गया है। हालांकि मंडी अधिकारी सिर्फ नोटिस व प्रशासन को पत्र लिखकर इतीश्री कर रही है। बारिश के चलते मंडी में हजारों टन गेहूं व सरसों को काफी नुकसान हुआ है। किसान रामफल, जयभगवान व दयानंद इत्यादि ने बताया कि बारिश से जहां उनका अनाज खराब हुआ है वहीं उनके पास बिक्री का मैसेेज आने के बाद भी अनाज नहीं खरीदा जा रहा है। उधर मार्केट कमेटी सचिव बसन्त कुमार का कहना है कि बारिश को लेकर आढतियों को तिरपाल सहित अन्य व्यवस्था करने के लिए नोटिस जारी किया हुआ है। इस समय उठान नहीं के कारण बारिश से कुछ नुकसान हुआ है। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिखकर समस्या से अवगत करवा दिया गया है।

सोनीपत की अनाज मंडी में बरसात की वजह से खराब हुय गेहूं की लगी ढेरियां।
-हप्र

सोनीपत में सड़ने लगा भीगा गेहूं, कहीं-कहीं फफूंद

सोनीपत (हप्र) : मंडियों से गेहूं का उठान नहीं होने का दुष्परिणाम अब दिखाई देने लगा है और बरसात के कारण गेहूं मंडियों में ही सड़ने लगा है। जिले में ही अब भी 70 लाख मिट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है। इसमें गेहूं खराब भी होने लगा है। बरसात गिरने से अनाज पर फंफूद लगने की शिकायत आने लगी है। गौरतलब है कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू की गई थी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से मंडियों में गेहूं की आवक तेज हुई। गेहूं की खरीद के लिए जिले में 4 प्रमूख मंडी व 18 खरीद केन्द्र स्थापित किए गए थे। खरीद और उठान की जिम्मेदारी एफसीआई, हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व एचडब्ल्यूसी को सौंपी गई थी। रबी खरीद सीजन में खरीद प्रक्रिया तो सही ढंग से हुई। लेकिन उठान की समस्या बनी रही। अब बरसात की वजह से मंडियों में पड़ा गेहूं सड़ने लगा है। बोरे में बंद गेहूं में भी फफूंद लगने की शिकायतें आ रही हैं। इन बोरियों को तिरपाल तक नहीं लगाया गया। मंडियों में खरीद बंद हो चुकी है, बावजूद इसके अब भी गेहूं का पूरी तरह से उठान नहीं हो पाया है। रबी सीजन में इस बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जहां एक लाख 55 हजार एमटी से अधिक गेहूं खरीदा है। वहीं एफसीआई ने एक लाख 61 हजार एमटी गेहूं की खरीद की है। हैफेड ने भी एक लाख 46 हजार एमटी से अधिक गेहूं की खरीद की है।

”उठान को लेकर विभाग गंभीर है। बारदाने की कमी की वजह से थोड़ी देरी हुई है। मौजूदा समय में अधिकतर मंडियों से गेहूं का उठान कर लिया है। जहां बाकी है, वहां पर गेहूं को प्लास्टिक से ढककर सुरक्षित रखा गया है। अधिकतर गेहूं गोदामों में ही सुरक्षित रखा गया है।”
-मनीषा मेहरा, डीएफएससी

बल्लभगढ़ की मंडियों में हालात खराब
बल्लभगढ़ (निस) : मौसम खराब हो रहा है, जबकि अभी भी मंडियों में खुले में लाखों क्विंटल गेहूं पड़ा है। ज्यादा बारिश होने पर किसी भी दिन गेहूं भीग कर खराब हो सकता है। गेहूं की ढुलाई का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। गेहूं की ढुलाई कम होने से अभी भी सबसे ज्यादा गेहूं मोहना मंडी में पड़ी और 2 लाख बोरियां खुले में पड़ी हैं। फतेहपुर बिल्लौच में 45 हजार बोरियां, बल्लभगढ़ मंडी में एक लाख बोरियां, तिगांव में 50 हजार, फरीदाबाद मंडी में पांच हजार बोरी गेहूं खुले में पड़ा है। सोमवार को बल्लभगढ़ में 4 मिलीमीटर और छांयसा में 2 मिलीमीटर बारिश हुई। इस बारे में आढ़ती राम अवतार का कहना है कि ऐसे रोजाना थोड़ी-थोड़ी बारिश भी होती रही, तो गेहूं खराब हो जाएगा। गेहूं काला पड़ जाएगा। गेहूं के खराब होने का नुकसान आढ़तियों को उठाना पड़ेगा। इस बारे में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के.के. गोयल का कहना है कि बल्लभगढ़ मंडियों से गेहूं की ढुलाई अब तक करीब 80 फीसदी पूरी की जा चुकी है। सबसे ज्यादा गेहूं मोहना मंडी में लगा हुआ है। फतेहपुर बिल्लौच में बहुत थोड़ा गेहूं बचा है, जबकि बल्लभगढ़ में कुछ कट्टे पड़े हुए हैं। जल्दी ही गेहूं की ढुलाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। गेहूं को किसी भी सूरत में नहीं भीगने दिया जाएगा।

गेहूं की आवक में ऐलनाबाद अव्वल
सिरसा (निस) : जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज हो गई है। मंडियों में अब तक 12 लाख 51 हजार 251 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि 2 लाख 29 हजार 304 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ऐलनाबाद मंडी में एक लाख 34 हजार 471, सिरसा मंडी में एक लाख 33 हजार 926, डबवाली मंडी में 96 हजार 382, कालांवाली मंडी में 95 हजार 600, चौटाला मंडी में 71 हजार 99, रानियां मंडी में 58 हजार 732, बणी मंडी में 48 हजार 194, जीवन नगर मंडी में 32 हजार 120, नाथूसरी चोपटा मंडी में 27 हजार 636, गंगा मंडी में 27 हजार 594, डिंग मंडी में 27 हजार 392, खारियां मंडी में 26 हजार 618, अबूबशहर मंडी में 25 हजार 127 व मल्लेकां मंडी में 22 हजार 283 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साथ ही जिला की अन्य मंडियों में भी गेहूं की आवक जारी है। उन्होंने सभी एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि गेहूं के उठान का कार्य शीघ्र व निरंतर अपनी देखरेख में सुचारु करवाएं।

कथित घोटाले के खिलाफ भाकियू बनाएगी रणनीति
बहल (निस) : कथित टोकन घोटाला की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों, आढ़तियों पर कार्रवाई करने तथा जिले की सभी मंडियों में बकाया सरसों की खरीद को लेकर किसानों का धरना 14 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने कहा कि ऑनलाइन खरीद के लिए जुटे जिले के 7 हजार किसानों की और बहल के ऑफलाइन 1300 से अधिक किसानों की मैनुअल खरीद शुरू की जाए। बहल मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने चल रहे धरने की अध्यक्षता पूर्व सूबेदार रंजीत सिंह शेरला ने की। भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि आढ़तियों के अवैध टोकन काटकर सरसों मंडी में तोली गयी जबकि असल किसान को सरसों को औने पौने दामों में बेचने पर मजबूर किया गया। बुधवार को चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू इन मांगों पर सरकार व प्रशासन को झुकाने के लिए अगली रणनीति का एलान करेगी। इस अवसर पर होशियार सिंह चैहड़, ईश्वर रोढ़ा, बिजेंदर और महताब महला मौजूद रहे।


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