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हैप्पी बर्थडे हरियाणा

Posted On November - 1 - 2018

पंजाब से अलग होकर हरियाणा को पृथक राज्य बने 52 साल हो गए हैं। इन बरसों में हरियाणा ने न केवल विकास की नयी बुलंदियों को छूआ, बल्कि कई क्षेत्रों में पंजाब से भी आगे निकल गया। आधा से ज्यादा हरियाणा एनसीआर का हिस्सा है। खट्टर काका भी हरियाणा दिवस की पूर्व संध्या पर सियासी पासा फेंकने से पीछे नहीं हटे। उन्होंने सत्ता उस वक्त संभाली थी, जब प्रदेश 48 साल का होने जा रहा था। इसलिए अब वे 48 वर्षों की तुलना अपने कार्यकाल के 48 माह से कर रहे हैं। काका अब सत्ता के शीर्ष पद पर हैं, सो उनकी बातों में वजन तो होगा ही। कहने वाले कह रहे हैं, काका आपकी उपलब्धियां तो सही हैं, लेकिन साथ ही प्रदेश में 18 दिन से चल रही रोडवेज की हड़ताल के बारे में भी कुछ बता दीजिए। इधर, अपनी राजधानी, एसवाईएल और अलग हाईकोर्ट सहित कई मुद्दे आज भी जस के तस हैं। खैर, अब मौका जन्मदिन का है तो हैप्पी बर्थडे हरियाणा।
बाबा की खुशी
दाढ़ी वाले कामरेड बाबा यानी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के लिए यह सप्ताह बेहतर गुजरा। सीएमओ वाले डॉक्टर साहब के साथ उनका छत्तीस का आंकड़ा चल रहा था। सीएमओ के आला अफसरों से लेकर खुद ‘खट्टर’ काका को कई पत्र बाबा लिख चुके थे, लेकिन डॉक्टर साहब की ‘स्ट्रांग डोज’ के आगे बाबा की दवाइयां काम नहीं कर रही थीं। अब डॉक्टर साहब भी ठहरे ‘संघ पृष्ठभूमि’ वाले, सो इतनी आसानी से थोड़े ही हार मानते। संघ कनेक्शन का ही तो असर था कि बाबा द्वारा सत्ता के शुरुआती दिनों में ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पिछले 10 वर्षों के दौरान हुई भर्तियों व खरीद की विजिलेंस जांच आज तक ठंडे बस्ते में है। अब कहने वाले कह रहे हैं कि डॉक्टर साहब इस बार सही से पारे को जांच नहीं सके, जिसके चलते उन्हें सीएमओ से बाहर होना पड़ा। चर्चाएं तो यह भी हैं कि मंत्रियों की फाइलों पर की जा रही टोका-टोकी भी उन्हें भारी पड़ी।
दिवाली पर आतिशबाजी
सुप्रीमकोर्ट ने दिवाली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी करने का समय तय कर दिया है, लेकिन हरियाणा में इस बार ‘राजनीतिक आतिशबाजी’ कुछ ज्यादा होने के आसार हैं। दिवाली के तुरंत बाद इनेलो में बड़े पटाखे चल सकते हैं। आतिशबाजी के साथ-साथ तरह-तरह की फुलझड़ियां और पटाखे तैयार हो चुके हैं। अब इंतजार इनके चलने का है। अपने इनेलो वाले ‘चाचा’ के बड़े भाई अजय चौटाला भी तिहाड़ जेल से पैरोल पर दिवाली के आसपास ही आएंगे। कुछ बड़े ‘पटाखे’ तो उनके बाहर आते ही बजने तय हैं। अब यह देखना रोचक रहेगा कि पिता के बाहर आने के बाद दुष्यंत का अगला कदम क्या होगा। बताते हैं कि तब तक की पूरी प्लानिंग की जा चुकी है।
ड्यूटी पर चेयरमैन
भाजपा वाले कई चेयरमैन इन दिनों प्रदेश से बाहर हैं। उन्हें राजस्थान में भाजपा के लिए माहौल बनाने के लिए भेजा गया है। एक दर्जन से अधिक बोर्ड-निगमों के चेयरमैन राजस्थान में अलग-अलग इलाकों व सीटों पर प्रचार संभाले हुए हैं। अब दिवाली के तुरंत बाद सरकार के कई मंत्री भी राजस्थान में ‘चुनावी ड्यूटी’ बजाते नजर आएंगे। जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से स्थानीय नेताओं को पड़ोसी राज्य में भेजा जा रहा है।
पहले तुम-पहले तुम
हरियाणा में 18 दिन से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। 80 के करीब ड्राइवरों को टर्मिनेट किया जा चुका है। दर्जनों यूनियन नेताओं पर केस दर्ज हुए हैं। सरकार के साथ दो बार वार्ता विफल हो चुकी है। अब कर्मचारी भी हड़ताल करके ‘थक’ गए हैं। वे चाहते हैं कि सरकार फिर से पहल करे और बातचीत से रास्ता निकाले। मंशा, सरकार की भी यही है, लेकिन किलोमीटर योजना को लेकर दोनों में ठनी है। हालात यह हैं कि दोनों चाहते हैं कि निर्णायक फैसला हो, लेकिन पहल करने को कोई तैयार नहीं। कर्मचारी चाहते हैं, सरकार कुछ झुके और सरकार चाहती है कि कर्मचारी जिद छोड़ें। दोनों पहले तुम-पहले तुम की स्थिति में फंसे हैं।
मंत्रीजी के बोल
‘सड़क’ वाले मंत्रीजी के बोल भी इन दिनों बिगड़े हुए हैं। पार्टी ने सभी मंत्रियों व विधायकों को रोजाना कम से कम 10 किलोमीटर पैदल चलने के निर्देश दिए हुए हैं। मंत्रीजी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के गांवों में पैदल दौड़ लगा रहे हैं। जनसभाएं हो रही हैं। एक जनसभा का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। नेताजी इसमें दूसरे दलों के विधायकों की कुत्ते और बिल्ली से तुलना कर रहे हैं। हरियाणा पुलिस के साथ समाज के एक वर्ग को लेकर भी बड़ी टिप्पणी कर डाली। वैसे इन मंत्रीजी की आमतौर पर जुबान फिसला नहीं करती, लेकिन इस बार जाने क्या हुआ, साहब के मुंह में जो आया, वही बोलते चले गए। अब बात संभाले नहीं संभल रही।
जयहिंद की चुटकी
आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद का ‘आइडिया’ भाजपा गलियारों में चर्चा में है। खट्टर सरकार के कार्यकाल के 4 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र को मुद्दा बनाते हुए खट्टर काका और उनकी पूरी कैबिनेट टीम के सामने चुनौती पेश कर दी है। नेताजी ने पेशकश की है कि अगर सीएम सहित उनकी कैबिनेट का कोई भी मंत्री खुद के ही घोषणा-पत्र को पब्लिक या मीडिया के बीच पढ़कर सुना दे तो वे उसे एक लाख इनाम देंगे। बताते हैं कि मुलाकात के दौरान जयहिंद से कुछ भाजपाई भाई लोगों ने ही पूछ लिया कि इस तरह के आइडिया उन्हें देता कौन है। वैसे जयहिंद ने शिक्षा मंत्री के गेस्ट टीचर को पहली कलम से पक्का करने और ओपी धनखड़ के कुअारों की शादी करवाने के वादे पर भी खूब चुटकी ली है।
आखिर में सरकार के 4 साल
खट्टर काका ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे कर लिए हैं। अब पांचवें साल में वे सरकारी रूपी गाड़ी को टॉप गियर लगाने की बात कह रहे हैं। वैसे काका ने गियर तो कई बार बदल लिया है। कभी तो वे चौथे गियर में दिखते हैं तो कभी पांचवें में। फिर पता नहीं क्या होता है कि ‘सरकार की गाड़ी’ पहले-दूसरे में चलती दिखती है। इस पर एक नेताजी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की यह गाड़ी आॅटोमेटिक है। इसमें गियर जरूरत के हिसाब से गाड़ी खुद-ब-खुद बदल लेती है।

-दिनेश भारद्वाज


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