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साख के सहारे दिलों में दखल

Posted On May - 27 - 2017

राजेश्वर गुप्ता
12705cd _Image_ 00 (52)प्राचीन काल में व्यापारी अपने उत्पाद पर मार्का लगाने के लिए ‘दाग प्रक्रिया’ अपनाते थे। यही बर्न बाद में ‘ब्रांड’ बन गया। ब्रांड किसी उत्पाद विशेष का नाम नहीं होता। यह उत्पाद का ट्रेड मार्क भी नहीं है। बल्कि ब्रांड में निर्माता के इस विश्वास का समावेश भी होता है कि उसका उत्पाद नि:संदेह गुणवत्तायुक्त, टिकाऊ तो होगा ही, बिक्री के बाद सेवा भी उपयुक्त होगी। ब्रांडेड उत्पाद निर्माता वस्तु के मूल्य के साथ ही इस विश्वास की भी कीमत वसूलते हैं। वही ब्रांड बाजार में लंबे समय तक टिक पाते हैं जो हर बार उपभोक्ताओं की कसौटी पर खरा उतरते हैं।
इस पुस्तक में ऐसी ही विश्व प्रसिद्ध 25 कंपनियों के रोचक इतिहास का संकलन है जो 100 वर्ष से भी अधिक समय तक विश्व बाजार में अपने उत्पाद की चमक बनाए रखने में सफल रही हैं।
विश्व का सबसे पुराना ब्रांड भारत का च्यवनप्राश माना जाता है। अरावली पर्वत शृंखला के एक सुप्त ज्वालामुखी के पास महर्षि च्यवन का आश्रम था। वहां उन्होंने 46 जड़ी-बूटियों से ऐसी दवा बनाई जो चिर यौवन को बनाए रखती थी। वैदिक काल से लेकर आज तक अनेक कंपनियों ने इस फार्मूले से जो भी शक्तिवर्धक पदार्थ बनाया, उसे ‘च्यवनप्राश’ नाम से ही बेचा। प्रमाणों और रिकार्ड के आधार पर जापान का ‘होशी योकान’ होटल 1300 साल पुराना ब्रांड है।
टुथपेस्ट बनाने वाली विश्व प्रसिद्ध कंपनी कोलगेट का जन्म 200 वर्ष पहले ब्रिटेन में एक कुटीर उद्योग के रूप में हुआ था। विश्व की सबसे पुरानी दवा निर्माता कंपनी ‘मर्क’ के संस्थापक फ्रेडरिक जेकब मर्क का जन्म जर्मनी में 1621 ईस्वी में हुआ था। पेनिसिलिन से वियाग्रा तक बनाने वाली ‘फाइजर’ की स्थापना भी जर्मनी में ही 1849 में हुई थी। न्यूयार्क में 1872 में चेसब्रो ने पेट्रोरिफाइनरी के बायप्रोडक्ट से वेसलीन बनाई तथा इसके फ्री सैंपल बांटे। वे एसिड से अपनी त्वचा जलाते तथा हाथों पर छोटे-छोटे कट लगाते और लोगों से घाव एक-दो दिन में भरने का दावा करते। प्रमाण के तौर पर वे लोगों को पुराने ठीक हुए घाव भी दिखाते।
भारत की कई कंपनियां विश्व प्रसिद्ध 25 ब्रांडेड कंपनियों में शामिल हैं। इन कंपनियों का इतिहास बड़ा ही रोचक तथा प्रेरणादायी है। व्यापारिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले ग्लोबल कंपनियों के जिज्ञासु पाठकों के लिए यह पुस्तक मार्गदर्शक तथा ज्ञानवर्धक है।

0पुस्तक : 25 ग्लोबल ब्रांड 0लेखक :प्रकाश बियाणी/ कमलेश माहेश्वरी 0प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन,         0पृष्ठ     संख्या : 169     0मूल्य : ~ 195.


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