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रावत की प्रतिष्ठा, सरकार दोनों दांव पर

Posted On April - 27 - 2014

हरीश रावत

आमतौर पर उत्तराखंड में आम चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही मुकाबला होता रहा है लेकिन इस बार चुनाव से ठीक पहले राज्य में नेतृत्व परिवर्तन तथा कद्दावर नेता सतपाल महाराज के पार्टी बदलने से बने समीकरण से मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रतिष्ठा तथा उनकी सरकार दोनों दांव पर है।
चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री पद से विजय बहुगुणा की छुट्टी करके कांग्रेस ने हरीश रावत की ताजपोशी कर माहौल बदलने का प्रयास किया लेकिन इसी बीच श्री रावत के क_र विरोधी माने जाने वाले सांसद सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की रणनीति पर पानी फिर गया। नए समीकरणों से कांग्रेस के लिए उत्तराखंड में आम चुनाव की डगर कठिन हो गई।
कांग्रेस को इन चुनाव में सफलता दिलाने का दावा करने वाले रावत की अपनी प्रतिष्ठा के साथ साथ सरकार भी दांव लग गई है। पिछले लोकसभा चुनाव में हरिद्वार सीट से चुने गए श्री रावत ने इस बार इस सीट पर अपनी पत्नी रेणुका रावत को उम्मीदवार बनवाया है। इस तरह इस सीट पर विशेष रूप से उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है। यहां से श्रीमती रावत का मुकाबला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश पोखरियाल निशंक से है।
पिछले वर्ष जून में आई आपदा के बाद राज्य में विजय बहुगुणा के नेतृत्व वाली सरकार पर अक्षमता और घोटालों के आरोप लगे।  जनभावनाओं को देखते हुए कांग्रेस के पास नेतृत्व परिवर्तन के अलावा और कोई विकल्प नहीं था इसलिए रावत को राज्य की कमान सौंपी गई लेकिन आलाकमान के इस निर्णय के बाद कांग्रेस का अंतर्कलह खुलकर सामने आ गया। इस बार रावत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तो बैठ गए लेकिन चुनाव के बाद उनके लिए सत्ता पर बने रहना आसान नहीं लग रहा है। सतपाल महाराज भले ही भाजपा में हैं लेकिन रावत के लिए अब भी कांटा बने हुए हैं। उनकी पत्नी उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं। उनके अलावा कुछ  कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक भी महाराज के समर्थक हैं। इन सब स्थितियों के बीच अटकलें हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा न रहने पर महाराज खेमा सरकार को अल्पमत में लाने का प्रयास कर सकता है।
भाजपा ने इस बार निशंक समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा है। इनमें से भुवनचंद्र खंडूरी पौड़ी तथा भगत सिंह कोश्यारी नैनीताल सीट से प्रत्याशी हैं।
खंडूरी का मुकाबला राज्य के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से है जबकि कोश्यारी का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा सांसद के.सी. सिंह बाबा से है। टिहरी सीट से बहुगुणा के पुत्र साकेत बहुगुणा कांग्रेस के उम्मीदवार हैं और उनका मुकाबला भाजपा की मौजूदा सांसद राज्य लक्ष्मी शाह से है।

(वार्ता)


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