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चुनावों के बहाने फिर गर्मायी रेल राजनीति

Posted On April - 27 - 2014

शशिकांत/ट्रिन्यू
शिमला, 27 अप्रैल

हिमाचल में रेल नेटवर्क का विस्तार किए जाने के संबंध में राजनीतिक दलों के चुनावी वायदों की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों बढ़-चढ़कर यह दावा कर रहे हैं कि दिल्ली में सरकार बनने की स्थिति में राज्य में इस बार रेल नेटवर्क को बढ़ाया जाएगा। लेकिन हिमाचल के मतदाताओं को इस बात का आभास है कि चुनाव खत्म होते ही ये वायदे हमेशा की तरह इस बार भी हवा होने वाले हैं। पिछले कई दशकों से चुनाव के दौरान हिमाचल के लोग रेल नेटवर्क के विस्तार का शोर सुनते आ रहे हैं।
सुनने में भले ही यह अविश्वसनीय लगे लेकिन यह सही है कि आजादी के बाद के 66 वर्षों में हिमाचल में रेल सेवाओं के विस्तार के नाम पर केवल 44 किलोमीटर लम्बी रेल लाइनें ही बिछाई जा सकी हैं। इनमें से नंगल-तलवाड़ा रेललाइन के 32 किलोमीटर के निर्माण को पूरा करने में सरकार को 32 सालों का लम्बा समय लगा। कछुए की गति से हो रहा रेल सेवाओं का विस्तार इस बात का सबूत है कि इस मामले में हिमाचल केंद्र में रही किसी भी सरकार के एजेंडा पर कभी नहीं रहा।
ऐसा नहीं है कि हिमाचल में रेल सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सकता। अंग्रेजों ने सन् 1903 में जिस समय 96 किलोमीटर लम्बी शिमला-कालका रेल लाइन का निर्माण किया था, उस समय तो तकनीक का ज्यादा विकास भी नहीं हुआ था। आज रेल निर्माण के क्षेत्र में ऐसी अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है कि थोड़े समय में ही सैकड़ों किलोमीटर लम्बी रेल लाइनों को बिछाया जा सकता है। तिब्बत में चीन पिछले दो दशकों से रेल निर्माण के काम में जुटा हुआ है। भारत के इस सीमावर्ती क्षेत्र में हो रहे आधारभूत ढांचे के विकास का जवाब देने के लिए भी हिमाचल में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ किया जाना जरूरी है।
पूर्व भाजपा सरकार के समय में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने तिब्बत में चीन सरकार द्वारा किए जा रहे रेल विस्तार को आधार बनाकर ही हिमाचल में मनाली होते हुए लेह तक रेल लाइन का निर्माण किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। भाजपा का दावा है कि अगर दिल्ली में एनडीए की सरकार बनी तो मनाली-लेह रेल लाइन के निर्माण कार्य को शुरू कराया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि भानुपल्ली से बिलासपुर आने वाली रेल लाइन के साथ ही मनाली-लेह रेल लाईन के काम को भी शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि भानुल्ली बिलासपुर रेल लाइन के निर्माण कार्य को भी वो पूरा नहीं करवा पा रही है। उधर मंडी लोकसभा क्षेत्र की कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा सिंह का कहना है कि चुनाव में जीतने के बाद वे भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करवाएंगी। इसी तरह हमीरपुर लोकसभा सीट के भाजपा उम्मीदवार अनुराग ठाकुर एनडीए की सरकार बनने पर हमीरपुर तक रेल लाइन को पहुंचाने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां सत्ता में आने पर प्रदेश की कई अन्य छोटी बड़ी रेल परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने जाने के वायदे भी जनता से कर रही हैं। इनमें सूरजपुर-बद्दी के अलावा नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन के निर्माण के साथ-साथ परवाणु तक ब्रॉडगेज रेल लाइन का निर्माण किए जाने जैसे वायदे शामिल हैं। इसी तरह चंडीगढ़ से बद्दी बरोटीवाला को जोड़े जाने की बातें भी हो रही है। राज्य में स्थापित सीमेंट कारखानों के लिए अलग से रेल लाइनें बिछाए जाने के वायदे भी दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा जनता से किए जा रहे हैं।


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