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जब लगे लू

Posted On May - 29 - 2013

आने वाले दिनों में चुभती गर्मी पडऩे वाली है, ऐसे में बिना तैयारी के कड़कती धूप में न निकलें ताकि लू से बचे रहें। फिर भी अगर लू लग जाए तो निम्र बातों का ध्यान दें :
लू पीडि़त को तरल ठंडे पदार्थ दें। उसे संतरे या अंगूर का रस दें। ठंडा-ठंडा तरबूज भी उसे खिलाएं। शरीर में ठंडक आने लगेगी। चने व जौ के सत्तू शरीर में ठंडक देते हैं तथा शरीर को लू के असर से बचाते हैं। लू लगने पर प्याज के रस की कनपटियों और छाती पर मालिश करने से लाभ होता है। वैसे लू से बचने के लिए भोजन में नित्य प्याज शामिल करें। पकी हुई इमली के गूदे को हाथ और पैरों के तलवों पर मलने से लू का असर मिटता है। वैसे इमली को भिगोकर इसका पानी पीने से गर्मी में लू नहीं लगती। कच्ची कैरी, प्याज, टमाटर व खीरा ककड़ी का मिक्स सलाद खाने से तन पर लू नहीं लगती। शरीर में ठंडक भी बनी रहती है। लू से बचने के लिए शहतूत और मिश्री का सेवन भी फायदेमंद है। हर्र पीसकर समान मात्रा में गुड़ मिलाकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बना लें। नित्य प्रात: गर्मी के मौसम में नाश्ते के बाद दो गोली खाकर पानी पियें। इससे गर्मी के मौसम में होने वाले विकार नहीं होंगे। आंवले का शरबत या मुरब्बा का इन दिनों जरूर सेवन करें। इससे गर्मी के रोग शरीर पर हावी नहीं होते। घड़े के एक गिलास ठंडे-ठंडे पानी में एक नीबू निचोड़ें और स्वादानुसार पिसा काला नमक, भूना पिसा जीरा, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर व दो छोटे चम्मच तुलसी का रस, चीनी पाउडर घोलकर पीने से लू का प्रभाव शीघ्र कम हो जाता है।
इन बातों पर भी ध्यान दें :

  • लू पीडि़त यदि मुंह द्वारा पेय पदार्थ लेने में असमर्थ हो तो इंजेक्शन द्वारा ग्लूकोज चढ़ाएं।
  • अगर लू पीडि़त को सांस आने में बाधा हो रही हो तो उसे कृत्रिम श्वास दें।
  • लू पीडि़त के गुर्दों पर भी ध्यान दें। वे ठीक से कार्य कर रहे हैं या नहीं, इसके अतिरिक्त इस बात पर भी ध्यान दें कि वह मूत्र त्याग रहा है या नहीं? क्योंकि मूत्र के माध्यम से ही शरीर के विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है।
  • उसके तन पर यदि पसीना आने लगे तो सूखे कपड़े से तुरंत साफ कर, ठंडे पानी का कपड़ा बदन पर फेर दें। उसके तलवों पर मेहंदी के पानी का लेप करें तथा आंखों में ठंडा-ठंडा गुलाब जल डालें।

-अर्चना जैन


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