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गुलाल के सेट पर एक दिन

Posted On January - 8 - 2011

असीम चक्रवर्ती

मुंबई के पास के एक उपनगर नायगांव में इन दिनों सीरियल गुलाल की टीम ने डेरा डाल रखा है। इसके निर्माता संजय वाधवा पूर्व में कलर्स चैनल के लिए बालिका वधू जैसा हिट सीरियल दे चुके है। लेकिन इस बार उनका यह सीरियल चैनल स्टार प्लस पर सोमवार से गुरूवार हर दिन रात के नौ बजे के प्राइम टाइम में दिखाया जा रहा है। इसमें भी बालिका वधू की ज्यादातर टीम मौजूद है। गुजरात के कच्छ की पृष्ठभूमि में इस सीरियल का पूरा ताना-बाना बुना गया है। इसके लिए नायगांव के मैगनम स्टुडियो में कच्छ का एक विशाल सेट लगाया गया है। कला निर्देशक प्रदीप बनर्जी और रजत पोद्दार की टीम ने पूरे दो महीने की मशक्कत के बाद इस सेट को तैयार किया है,जो कच्छ की पृष्ठभूमि का जीवंत रूप पेश करती है। अभी हाल में इस संवाददाता ने सुबह से शाम पूरे एक दिन इसके सेट पर गुजारा।
कैसा है गुलाल : निर्माता संजय वाधवा और निर्देशक सिद्घार्थ सेनगुप्ता के मुताबिक गुलाल की सबसे बडी खासियत यह कि इसे हर तरह से रियलस्टिक बनाने की कोशिश की जा रही है। सिद्घार्थ बताते है,’ इसमें इतने सारे किरदार है और उनके बीच इतने सारे घटनाक्रम है कि इसे बेवजह लंबा खींचने की जरूरत नहीं है। बस,हर किरदार को सही तरह से पेश करने की जरूरत है। एक रोचक कहानी के साथ यह सीरियल खुद-ब-खुद आगे बढती रहेगी। असल में इसके लेखक प्रकाश कपाडिया ने इसकी स्क्रिप्ट बहुत अच्छी तरह से लिखी है। यह टीवी का पहला ऐसा सीरियल है,जिसका निर्माण फिल्मी फार्मेट मे हा रहा है।’ इसके बाद वो इसकी कहानी के बारे में विस्तार से बताते है,जिसका संक्षिप्त सार कुछ यो हैं-यह गुजरात के कच्छ में स्थित एक गांव तालसगरा की कहानी बयां करती है। यहां के रेतीले मरूस्थल व सूखाग्रस्त इलाके मे पानी न मिलने से गांववाले बहुत परेशान रहते है। इसके पास के एक गांव राशिपुर की एक लडकी गुलाल को यह अद्भुत वरदान प्राप्त है कि वह जमीन के नीचे पानी के स्रोत का पता लगा सकती है। पास के गांव तालसगरा का लडका बसंत अपने गांव के लिए पानी की खोज में लगा रहता है। अपने इसी संघर्ष के दौरान उसकी मुलाकात राशिपुर की लडकी गुलाल से होती है,जो बाद में प्यार में तब्दील हो जाती है। तभी उसे गुलाल को मिले वरदान के बारे में पता चलता है। लेकिन दोनों के गांववालों में पहले से ही मनमुटाव चला आ रहा है। इस वजह से उनकी जिंदगी में ढेर सारे उतार-चढाव आते है। तालसगरा गांंव के पानी की समस्या खत्म होती है। पर यहां के लोगों और उनकी जिंदगी की अन्य पेचदगिया गुलाल के बिखरे रंग की तरह एक के बाद एक सामने आने लगती है।
मिलिए गुलाल से : छोटे परदे पर अभिनेत्री मानसी पारेख की यह पहली जोरदार दस्तक है। जहां तक उनके अभिनय सफर का सवाल है,अभी तक यह बहुत सीमित दायरे में कैद रहा है। एकता कपूर द्वारा निर्मित एवं चैनल एमटीवी पर प्रसारित कितनी मस्त जिंदगी, स्टार वन पर इंडिया कॉलिंग, बंद हो चुके चैनल 9एक्स पर रिमोर्ट कंट्रोल आदि धारावाहिकों के साथ-साथ एचडीएफसी,हेयर एंड केयर आदि के कई एड फिल्में भी वो कर चुकी है। मगर गुलाल ने उन्हें अचानक जबरदस्त चर्चा में ला दिया है,क्योंकि इस सीरियल और उनके किरदार का नाम एक ही है। मानसी बेहिचक कबूल करती है कि इसका लाभ उन्हें मिलने लगा है। वो बताती हैं,’वेसे इसके चलते मेरी जिम्मेदारी भी काफी बढ गयी है। इस शो में ज्यादातर ओडियंस मझे ही देखना चाहते हैं। जाहिर है इसका सीधा फायदा मुझे मिलेगा।’
गुलाल के बसंत-गुलाल के प्रेमी बसंत का किरदार करनेवाले राहिल आजम इन दिनों छोटे परदे के एक जाने पहचाने जाने चेहरे बन चुके है। रेशम डंक,हाकिम,ये मेरी लाइफ,अचानक 37 साल बाद जैसे धारावाहिकों में काम कर चुके साहिल बसंत के अपने किरदार को लेकर बहुत उत्साहित है,’ यह सीरियल इतने सुनियोजित ढंग से तैयार हो रहा है कि वाकई में ऐसा लग रहा है कि मैं किसी फिल्म में काम कर रहा हूं। यह बहुत अच्छी तरह से लिखा गया। इसकी एक कहानी एक रियलिस्टिक सब्जेक्ट का एहसास करा देती है। सिर्फ रोमांस ही नहीं,दो गांवों की आपसी दुश्मनी और गांव की दूसरी कई अहम बातों को इसमें समेटा गया है।
मोटा बा यानी मनोज जोशी-वह फिल्मकार प्रियदर्शन के प्रिय अभिनेता है। उनका परिचय यही तक सीमित नहीं है। स्टेज के इस धाकड अभिनेता ने थियेटर पर भी खूब धूम मचाया है। अब वह सात साल बाद मोटा बा के रूप में छोटे परदे पर छा जाने की तैयारी कर रहें है। जी हां,बात बेहद संजीदा अभिनता मनोज जोशी की हो रही हैं। बंसत के साथ अपना एक लंबा शॉट एक ही टेक में ओके करने के बाद वह आराम से इस सवाददाता के कुछ सवालों का जवाब देते है। उनके मुताबिक रोल यदि अच्छा हो,तो लगातार टीवी पर आने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
छोटे परदे पर भी खलनायकी- इन दिनों गुलाल में अभिनेता सुशांत सिंह की हरकतों को भी खूब पसंद किया जा रहा है। दुष्यंत के रोल के बारे में सुशांत बताते है,’ इस रोल के बारे में मेरे एक दोस्त की मां ने बहुत अच्छा कमेंट दिया है-तू इसमें प्यार करनेवाला कमीना लगता है।’ कई फिल्में कर चुके सुशांत के मुताबिक यह फिल्म की तरह का एक सीरियल है। पूर्व में बालिका वधू ,विरूद्घ जैसे सीरियल में काम कर चुके सुशांत इस धारावाहिक में काम करने की वजह बताते है,’ हाल में प्रदर्शित मिर्च सहित मेरी सारी फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। एक्टर हूं,घर पर खाली नहीं बैठ सकता। घर भी चलाना है। इस विलेनिस में रोल में काफी दम नजर आया,इसलिए कर रहा हूं। वैसे भी एक समय के बाद पॉजिटिव रोल बोर करने लगते है।


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