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अब ओलंपिक व एशियन खेलों पर हैं मनोज की निगाहें

Posted On October - 21 - 2010

सेवा सिंह
कैथल, 20 अक्तूबर । कामनवैल्थ खेलों में गोल्ड मैडल जीत कर देश का नाम रोशन करने वाले मुक्केबाज़ मनोज कुमार का अब अगला निशान ओलंपिक तथा ऐशियन खेलों पर टिका है।
गत दिवस  मनोज कुमार ने गांव मुंदड़ी में फतेह सिंह के निवास पर अपनी कामयाबी व उससे मिली खुशी पर खुल कर विशेष बातचीत की। भविष्य की योजनाओं  के संबध में मनोज कुमार ने बताया कि उसने कामनवैल्थ में जीत के साथ ही अपना अगला निशाना 24 नवंबर से चीन में शुरू होने वाले एशियन खेलों तथा वर्ष 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक खेलों को बना लिया है।
कामनवैल्थ में जीत से उनका एक सपना अवश्य पूरा हुआ है लेकिन इस जीत के बाद देश व प्रदेश का गौरव और अधिक बढ़ाने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि अब देश का सम्मान हर कदम पर वह बढ़ाते रहें। ऐशियन खेलों के लिए प्रैक्टिस को लेकर मनोज ने बताया कि उनको  आज ही पटियाला में प्रैक्टिस किए जाने के लिए आंमत्रण मिला है और वह कल के बाद अपनी प्रैक्टिस शुरू कर देंगे। सरकार द्वारा विजेता खिलाडिय़ों को डीएसपी व अन्य प्रथम श्रेणी अधिकारी बनाए जाने की घोषणा के प्रश्र पर मनोज ने कहा कि यह सरकार का खिलाडिय़ों को सम्मान देने व उन्हें तथा आने वाले खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने का प्रयास है, जो कि खिलाडिय़ों के लिए बेहद खुशी की बात है,  लेकिन उनकी निगाहें अभी उक्त खेलों में भी सोना जीतने पर ही टिकी हुई है।
साधारण परिवार से उठकर विजेता बनने तक के सफर पर मनोज ने कहा कि हालांकि उसे हर व्यक्ति, कोच  व खेल प्रेमी से बेहद प्यार, उत्साह व प्रोत्साहन मिला है, लेकिन उसे आगे लाने में उसके भाई एंव कोच राजेश की मुख्य भूमिका रही है, जिसके द्वारा सिखाए गए दांव पेंच से उसने इंग्लैंड के खिलाड़ी को चित्त कर दिया।
उन्होंने अपने माता व पिता का भी शुक्रगुजार करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कमजोर परिवारिक हालत के चलते भी खेलों में टिके रहने तथा हर संभव मदद करने के लिए भरसक मेहनत व प्रयास किए और उन्होंने उसे अपनी आर्थिक हालत कमजोर होने तक का भी एहसास नहीं होने दिया। उन्होंने अन्य कोच व उसके साथ खेलने वाले खिलाडिय़ों का भी आभार जताया।


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