हुवावेई को 5जी नेटवर्क से अलग रखने के ब्रिटेन के फैसले से अमेरिका खुश! !    भारतीय-अमेरिकी दंपति 4 लाख डॉलर की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार !    प्राइमरी जीतने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी बनीं सारा गिडियन! !    देहरादून में मकान ढहा, एक बच्ची, गर्भवती महिला समेत 3 की मौत !    पायलट, 18 अन्य बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की कार्यवाही शुरु, दिये गये नोटिस! !    सोना तस्करी मामला : केरल के आईएएस अधिकारी से 9 घंटे तक पूछताछ ! !    बैगन-आर और बलेनो के ईंधन पंप खराब, 1.35 लाख कारें वापस मंगाई !    कोरोना : देश में एक दिन में रिकार्ड 29,429 नये मामले! !    सीबीएसई ने घोषित किया 10वीं कक्षा का परिणाम, 91.46 विद्यार्थी पास! !    संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे मोदी !    

तीन हज़ार भट्ठे आज से बंद

Posted On June - 15 - 2010

गुरतेज प्यासा
संगरूर, 14 जून। पंजाब के भट्ठा मालिक 15 जून से अनिश्चितकाल के लिए अपने भट्ठे बंद करेंगे जिससे डेढ़  करोड़ भट्ठा मजदूर रोटी से वंचित हो जाएंगे। राज्य में करीब तीन हजार भट्ठे हैं जो आने वाले समय में बंद होने के कगार पर हैं। इस लिए पंजाब के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भट्ठा मालिक भी 15 से अपने भट्ठे बंद रखेंगे। यह भट्ठे उस समय चालू किए जाएंगे जब सरकार अपने कानून वापस ले लेगी। भट्ठा मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मक्कड़ ने यहां कहा कि भट्ठों पर दो कानून ऐसे लागू किए गए हैं जिसके चलते भट्ठा चालू रखना उनके बस में नहीं। सरकार उन पर जोर डाल रही है कि थर्मल प्लांटों की राख-मिट्टी में मिलाकर ईंट तैयार की जाए जो कि बहुत महंगी पड़ती है जिसका असर आम लोगों पर पड़ता है। राख ईंट बनाना किसी भी तरह संभव नहीं है। दूसरी किसी भूमि की खुदाई करने के लिए पहले एनओसी (ओ आवजेक्शन सर्टिफिकेट) लेना जरूरी है। एनओसी लेने के लिए एक वर्ष का समय चाहिए, एक वर्ष में तो सारा काम चौपट हो जाएगा। श्री मक्कड़ ने मजदूर कानून में संशोधन करने की अपील करते हुए सरकार से कहा कि इस कानून की आड़ में मजदूर संगठन उनको ब्लैक मेल करते हैं। भट्ठा के लिए पथेर पहले एडवांस पैसा लेकर आती हैं जिससे बाद मजदूर जत्थेबंदियां अदालत में जाकर याचिका दायर कर देती हैं कि भट्ठा मालिक ने मजदूरों को बंदी बनाया हुआ है जिसके चलते अदालत द्वारा भेजा वारंट अधिकारी मजदूरों को छुड़वा कर अपने साथ ले जाती है।
श्री मक्कड़ ने कहा कि भट्ठा खुले में होता वहां तो चारदीवारी भी नहीं होती फिर मजदूर बंदी कैसे हो सकते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को मजदूर बंधुआ एक्ट में तरमीम की जाए कि मजदूर संगठन भट्ठा मालिकों को ब्लैकमेल न कर सकें।
श्री मक्कड़ ने कहा कि इस समय राज्य में 2700 भट्ठे हैं जिन पर डेढ़ करोड़ मजदूर काम करते हैं। भट्ठा बंद होने पर डेढ़ करोड़ मजदूर तो रोजगार से खाली होंगे ही, इन के साथ लाखों निर्माण करने वाले मिस्त्री मजदूर भी खाली बैठने पर मजबूर होंगे। इसका असर ट्रांसपोर्ट परभी पड़ेगा। सीमेंट उद्योग पर भी असर होगा। लोहा विक्रेता भी खाली होने पर मजबूर हो सकते हैं।
मक्कड़ ने कहा कि जब तक उक्त दोनों कानून (राख, खुदाई) को वापस नहीं लिया जाता और मजदूर कानून में संसोधन नहीं किया जाता तब तक भट्ठा चालू नहीं किए जा सकेंगे।


Comments Off on तीन हज़ार भट्ठे आज से बंद
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.