पायलट को हटाए जाने के बाद प्रियंका ने की सोनिया से मुलाकात !    सुप्रीमकोर्ट का उम्रकैद की सजा भुगत रहे बाबा रामपाल को पैरोल से इनकार !    खराब मौसम के कारण यूएई का पहला मंगल अभियान शुक्रवार तक स्थगित !    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिये खुद को करें नामांकित : निशंक !    सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं : पायलट !    विधायक की मौत को लेकर उत्तरी बंगाल में भाजपा का बंद !    राजस्थान : सचिन पायलट से छीना उप-मुख्यमंत्री पद, 2 मंत्रियों की भी छुट्टी! !    एक अगस्त तक खाली कर दूंगी सरकारी आवास : प्रियंका !    विकास दुबे का सहयोगी शशिकांत गिरफ्तार, पुलिस से लूटी एके-47, इंसास राइफल बरामद !    भारत और चीन की कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता का चौथा दौर शुरू !    

आम लोगों में रिश्वतखोरों के खिलाफ हौसला बढ़ा

Posted On May - 3 - 2010

कुछ और आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर नज़रें

विजिलेंस का शिकंजा

शशिकांत
ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
शिमला, 2 मई। छोटे कर्मचारी और अधिकारी तो रिश्ïवतखोरी के मामलों में सामान्यत: फंसते ही रहे हैं लेकिन अब एचएएस और आईएएस  जैसे अधिकारी भी विजिलेंस के शिकंजे में फंसने लगे हैं। आला प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ होने वाली इस कार्रवाई से जहां आम लोगों में  रिश्ïवतखोरी के खिलाफ आवाज उठाने का हौंसला बढ़ा है वहीं रिश्वतखोरी में संलिप्त लोगों में विजिलेंस का भय पैदा होता दिखाई देने लगा है।
रोहडू का एसडीएम मौजूदा सरकार के समय में विजिलेंस की पकड़ में आने वाला तीसरा एचएएस अधिकारी है। इससे पहले चंबा जिले के तीसा और धर्मशाला में जिला पर्यटन अधिकारी के पद पर तैनात दो एचएएस अधिकारी इसी तरह के मामलों में विजिलेंस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इसके अलावा एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी विजिलेंस रिश्वत के पैसे के साथ पकड़ चुकी है। आमतौर पर पुलिस वाले अपने विभागीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से गुरेज करते हैं, लेकिन इसके लिए राज्य विजिलेंस को शाबाशी दी जानी चाहिए कि उसने सोलन में एएसपी के पद पर तैनात अपने ही एक पुलिस अधिकारी को भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार करने का साहस दिखाया।
सूत्रों के अनुसार राज्य विजिलेंस की नजर अभी प्रदेश के कुछ और आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर है। इनमें से कुछ अधिकारी जहां राज्य स्तर पर शिमला में काम कर रहे हैं वहीं कुछ जिलों में कार्यरत हैं। विजिलेंस के पास इन लोगों की गतिविधियों के बारे में पुख्ता जानकारी तो है लेकिन कोई ऐसा सबूत नहीं है जिसके आधार पर इन पर शिकंजा कसा जा सके। यही वजह है कि फिलहाल विजिलेंस ऐसे मौके की तलाश में है जब इन लोगों को पक्के सबूतों के साथ पकड़ा जा सके। एक दो अधिकारी तो ऐसे हैं जिनके नामों का खुलासा होने पर लोग हैरान रह जाएंगे। जिलों में संवेदनशील पदों पर बैठे  ऐसे अधिकारी नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले लोगों के साथ भी संपर्क बनाए हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि राज्य विजिलेंस ने राजनीतिक स्तर पर सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही भ्रष्टïाचार में लिप्त आला अधिकारियों पर नजर रखने का काम शुरू किया है।
बताते हैं कि सरकार में भी ऊपरी स्तर पर भ्रष्टï अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी है। उक्त अधिकारियों में से कोई भी अधिकारी यदि कभी विजिलेंस के हाथ आ गया तो उसके लिए बचना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे अधिकारी भी हैं जो राज्य में बनने वाली हर सरकार में अपना दबदबा कायम रखने में कामयाब रहते हैं। खासतौर पर गैर-प्रशासनिक अधिकारियों में तो ऐसे लोगों की गिनती काफी ज्यादा है। राज्य लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अनेकों अधिकारी ऐसे हैं जो हर सरकार में ‘मलाईदार’ पदों पर अपनी तैनाती कराने में कामयाब रहते हैं।
रिश्वत कांड से जुड़े ताजा घटनाक्रमों से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि ईमानदारी और स्वच्छ प्रशासन के लिए जाने जाने वाले हिमाचल में भी धीरे-धीरे  हालात बदल रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारी भी भ्रष्टïाचार में लिप्त होते जा रहे हैं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के संबंध में सरकार द्वारा की जाने वाली कोशिशें पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। वास्तव में जब से प्रदेश में औद्योगिक विकास हुआ है और पनबिजली परियोजनाओं में निवेश बढ़ा है तब से भ्रष्टाचार के मामलों में भी बढ़ोतरी होती दिखाई दे रही है। पैसे वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां मात्र रोजमर्रा के अपने काम निकलवाने के लिए भी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मोटा ‘चढ़ावा’ चढ़ाने के आदी हैं और इसी वजह से रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिल रहा है। निजी कंपनियां काम में होने वाली देरी को पैसे के नुकसान से तोलती है और जल्दी काम कराने के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों को रिश्वत लेने के लिए प्रेरित करती है। रोहडू के एसडीएम द्वारा ली गई कथित रिश्वत भी पनबिजली परियोजना से जुड़ी एक कंपनी द्वारा ही दी जा रही थी।


Comments Off on आम लोगों में रिश्वतखोरों के खिलाफ हौसला बढ़ा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.