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दैनिक ट्रिब्यून 30 साल पहले

Posted On April - 6 - 2010
रविवार, 6 अप्रैल, 1980

असम अशांत क्षेत्र घोषित, सेना सतर्क

गुवाहाटी, 6 अप्रैल (प्रेट्र, यून्यु) उत्तरी कछार जि़ले को छोड़कर सारे असम को अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया गया है ताकि सरकार गड़बड़  को कुचलने और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नागरिक अधिकारियों की मदद के लिए सशस्त्र सेनाओं का इस्तेमाल कर सके। इस संबंध में राज्यपाल द्वारा जारी की गई अधिसूचना कल से लागू होगी और दो महीने तक लागू रहेगी। सेना से कहा गया है कि कानून के प्रावधानों को लागू करने में नागरिक अधिकारियों की मदद के लिए कम से कम संभव समय में हरकत में आने के लिए तैयार रहें। मुख्य सचिव श्री आरएस परमशिवम के अनुसार यह कार्रवाई असम अशांत क्षेत्र कानून 1955 तथा सशस्त्र सेनाएं (विशेष अधिकार) कानून की 1958 की धारा 3 के अंतर्गत राज्य की मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति और सार्वजनिक शांति को भंग करने और गड़बड़ फैलाने के संगठित प्रयास के दृष्टिïगत की गई है।
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार स्थिति इतनी खराब और खतरनाक है कि नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सशस्त्र सेनाओं का प्रयोग आवश्यक है। यह स्थिति राज्य की अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक है। सरकारी सूत्रों के अनुसार शिलांग में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना चौकस कर दी गयी है क्योंकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस असम में भेजे जाने से मेघालय में उनकी कमी हो गयी है। इसे सतर्कतात्मक कार्रवाई बताया गया है। राज्यपाल को सारे तथ्यों तथा परिस्थितियों पर ध्यानपूर्वक विचार करने के बाद विश्वास हो गया है कि गड़बड़ को दबाने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए इन क्षेत्रों को गड़बडग़्रस्त घोषित करना आवश्यक हो गया है।


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