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संसद में पेश होगी पे्रस परिषद की रिपोर्ट

Posted On March - 6 - 2010

मीडिया में धन लेकर खबर देने का मामला

नयी दिल्ली, 5 मार्च (भाषा)। मीडिया में धन लेकर खबर देने की बढ़ती घटनाओं पर आज राज्यसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने गहरी चिंता जताते हुए इस प्रवृत्ति को अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग और संसदीय लोकतंत्र के भविष्य के लिए खतरनाक प्रवृत्ति करार दिया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार के लिए भारतीय प्रेस परिषद द्वारा गठित उप समिति की रिपोर्ट को संसद में पेश किया जाएगा।
समाचारों के नाम पर धन देकर प्रसारित करायी जा रही खबरों में संलिप्त प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया की भूमिका से उत्पन्न स्थिति के बारे में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए अंबिका ने स्पष्ट किया कि धन लेकर खबर देने के मामलों को सरकार अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का दुरुपयोग मानती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को आमतौर ‘पेड न्यूज सिंड्रामÓ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यद्यपि ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं लेकिन हाल में ऐसी घटनाओं पर लोगों का अधिक ध्यान गया है और वे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संपादक गिल्ड सहित तमाम पत्रकार संगठनों ने इस प्रवृत्ति की निंदा की है।
अंबिका ने कहा कि भारतीय पे्रस परिषद ने इस मुद्दे पर विचार करने तथा भारतीय निर्वाचन आयोग सहित विभिन्न पक्षों से साक्ष्य एकत्र करने के लिए एक उप समिति गठित की है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने उप समिति के साथ हुई बैठक में यह इच्छा व्यक्त की कि पे्रस परिषद ‘पेड न्यूजÓ को परिभाषित करे ताकि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा किए गए व्यय को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस समिति की रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए मार्च के अंत तक परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार यह रिपोर्ट संसद के सामने रखेगी ताकि सदस्य इस मुद्दे पर विचार कर सकें।
भारतीय प्रेस परिषद के पास अधिकारों की कमी होने की ओर ध्यान दिलाए जाने पर अंबिका ने कहा कि परिषद का गठन संसद में कानून पारित करके किया गया है। उन्होंने कहा कि परिषद के बारे में कई और सुझाव दिए गए हैं जो संप्रग सरकार के विचाराधीन हैं।
इससे पूर्व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने धन लेकर खबर देने के मामले में पे्रस परिषद द्वारा कोई समाधान निकाल लिए जाने की बात पर गंभीर संदेह जताते हुए कहा कि पे्रस परिषद के पास अधिकारों की बेहद कमी है।
उन्होंने परिषद को टूथलैस वंडर यानी अधिकार विहीन संस्था करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों को संविधान के तहत दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के दायरे में रखना बिल्कुल गलत होगा।
जेटली ने कहा कि धन लेकर खबरें देना न केवल खबरों के पाठकों और दर्शकों के साथ अन्याय है बल्कि ऐसे मामलों में आयकर सहित देश के विभिन्न कानूनों का उल्लंंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में तो इस प्रवृत्ति के कारण गंभीर असर पडऩे लगा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के दोषी मीडिया संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।


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