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भूमि घोटाले की जांच से मेरा करिअर खतरे में : चंद्रशेखर

Posted On March - 6 - 2010

सौरभ मलिक
ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
चंडीगढ़, 5 मार्च। पंजाब में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चंद्रशेखर ने आज दावा किया कि चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्र में शीर्ष पुलिस अधिकारियों व अन्य द्वारा हासिल की गयी संपत्तियों के मामले की जांच करने के कारण उनका करिअर खतरे में पड़ गया है। उन्होंने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट को आज बताया कि यह जीत उनकी पदोन्नति में रुकावट बन गयी है।
उन्होंने न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल व न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर के समक्ष पेश स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि हाईकोर्ट के ध्यान में यह लाना सार्थक होगा कि बड़े लोगों से संबंधित जांच के दौरान उन्होंने उच्च न्यायालय में जो रिपोर्टें पेश की हैं, उससे उनके सर्विस करिअर पर बुरा असर पड़ा है।
चंद्रशेखर ने कहा : विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा उन्हें पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति करने की सिफारिश के बावजूद उनकी पदोन्नति रोक दी गयी है। हालांकि 28 फरवरी को राजदीप सिंह गिल, आईपीएस के रिटायर होने के बाद डीजीपी का पद खाली पड़ा है।
नया गांव निवासी कुलदीप सिंह के जमीन हथियाने के आरोपों को हाईकोर्ट के ध्यान में लाये जाने के बाद उक्त जांच शुरू हुई थी। कुलदीप सिंह ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच का आग्रह करते हुए जमीन हथियाने का एक  पुलिस उच्चाधिकारी पर आरोप लगाया था। उन्होंने मांग की की थी उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाये।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रणजीत सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को जांच का जिम्मा सौंपा था। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से कहा था कि नया गांव, जीरकपुर, मोहाली, कंसल और करोड़ां क्षेत्रों पर जांच में जोर दिया जाये। उनका कहना था कि इस बात की जांच की भी जरूरत है कि भूमि हथियाने का स्रोत क्या था।
अब तक की जांच के अंतर्गत ‘जनप्रतिनिधियोंÓ की भूमिका भी आ चुकी है। जांच अधिकारी का दावा है कि उन (जनप्रतिनिधियों) द्वारा बनायी गयी पंजाबी कोआपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी ने वर्ष 2003 में 21 एकड़ भूमि 8,19, 00, 911 रुपये में खरीदी थी और बाद में टाटा हाउसिंग डिवेल्पमेंट कंपनी लिमिटेड को 96,54,12,513 रुपये में बेच दी गयी।
चंद्रशेखर ने कहा कि चंडीगढ़ के आसपास 170.75 एकड़ भूमि जंगलात की जमीन घोषित की गयी थी। बड़े लोग इस पर भी अवैध निर्माण कर रहे हैं।


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